पंचायतों का कारनामा भाग २


पंचायतों के कारनामे भाग -२
नमस्कार मेरा नाम है आशुतोष शुक्ला कल वाले पंडित जी याद है,याद ही होगा ज्यादा परिचय थोड़ी ही बताये थे नाम ही बस तो बताये थे ।आज 20 जुलाई 2018 है।बीते दिन यानी कल बहुत दुख भरी खबरें आई पहली तो ये की कल प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय जी की जन्मदिन भी था तो सीना 57 इंच का हो गया, 57 इसलिए कि 56 तो मोदी जी का है और आंखे भी नम हो गई।



ये है मंगल पांडेय जिनका कल 19 जुलाई को जन्मदिन था।



और एक दुखद खबर शायरी,गीत,गजलों की महफ़िल को आज अनगिनत यादों ओर गीतों के कलाकार ने अलविदा कह दिया।
4 जनवरी 1925 को जन्मे गोपालदास नीरज कल 19 जुलाई 2018 को बिना कोई गीत कहे हज़ारो गीतों की मझधार में हमे अकेला छोड़ गए।


 चलो कभी खुसी कभी गम कर लिए हो तो कल के बचे कूचे पंचायतों के कारनामे की गाड़ी को धक्का मार के बढ़ते है,धक्का इसलिए क्योंकि पेट्रोल महंगा हो गया है।तो कहा थे --"'हा ग्राम सचिवालय में घुसे हुए थे और नींद आ गयी थी,हैरानी की बाती नही है सरकारी दफ्तर जोर जोर की नींद आती ही है।अब ये जो सचिव नाम का जीवाणु जो होता है,बड़ा चालक प्राणी होता है थप्पा सरपंच का लगवायेगा काम सरपंच से करवायेगा ओर जिम्मेदारी के नाम पे रिश्वत खुदई ठूस लेता है और बचा कूचा झूठन सरपंच साफ कर लेता है।और ओर उपसरपंच को अगर पता लग गया कि कुछु खाये है ये भी मांग लेता है।सबसे दयनीय स्थिति होती है पंचों की बेचारे चुनाव में पैसा भी सरपंच जितना ख़र्च करेंगे और वादे प्रधनमंत्री मोदी वाले लेकिन जब सबई कुछ सचिव सरपंच और उप सरपंच धर लिए तो इनको भूखे नंगे तो रहना ही पड़ेगा।
हमारे गांव का सरपंच है पउअन  बरउ अर्थात पवन बर्मन प्यार से सब पउअन कहते हैं।अब इनकी दर्द भरी कहानी पता है इनकी पत्नी थी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका क्योंकि इन्होंने 13 वर्ष पूर्व जब ऊमा भारती जी मुख्यमंत्री बनी थी तब इनकी भी नियुक्ति हुई थी वो इसलिए क्योंकि इन्होंने अपने परिचय पत्र में एवम जाती प्रमाण पत्र में लिख दिया कि ये मांझी है बस हो गया न बवाल सीधा ओबीसी से st/sc कोटा से नियुक्ति पा लिए फिर पता चल ही गया ये ओबीसी ही थी फर्जीबड़ा कर डाला और होना क्या था नोकरी गयी और केस भी बन गया हालांकि उमा भारती की सरकार ज्यादा दिन टिकी नही और मामा शिवराज की सरकार में वापस नियुक्ति तो हुई नहीं कितुं केस से आसानी से बरी हो गयी।।अब पतिदेव सरपंच हो गए है तो चौपाल में बैठती है और कड़कड़ नोट गिनती है । आवास योजना और शौचालय निर्माण के लिए पैसा भी तो वसूले है,ओर उज्ज्वला योजना का भी।
अभी तो ओर महान वैज्ञानिक हमारी पंचायत रिसर्चर बने परिवर्तन की ताक लगाए रहते है।चलो भैया सोने दो, आपको रोज आना है।रात के 1बजकर26 मिनट हो गए हैं।सकारे उठना पड़ता है।
राम राम कल फिर मिलेंगे ।पोस्ट कैसा लगा जरूर बताइयेगा और हो सके तो शेयर भी कर देना अपना ब्लॉग है।शेयर करोगे तभी तो नए नए पोस्ट लिखेंगे।।

                        ।।   शुभरात्रि   ।।

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